लिखित में जिम्मेदारी लेने का वादे पर अनशन होगा खत्म
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब कोई भी कोताही नहीं चाहिए। सरकार को इसके लिए लिखित में वादा करना होगा तथा इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। यह कहना है जंतर-मंतर पर छह दिनों से अनशन कर रहे तेजेंद्र पाल सिंह बग्गा का। उन्होंने कहा कि वह तब तक अनशन करते रहेंगे, जब तक सरकार की ओर से कोई लिखित बयान नहीं आता। उनसे कुछ ही दूरी पर ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुष्कर्म जैसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की मांग पर अडिग फरुखाबाद के बाबू सिंह भी 14 दिनों से अनशन कर रहे हैं।
महिलाओं की हक की इस लड़ाई में देश का युवा व किसान आज अनशन पर आमादा है। क्योंकि उसे युवतियों व महिलाओं की सुरक्षा की चिंता है। बग्गा का कहना है कि सरकार को संसद का सत्र बुलाकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए नए कानून बनाने की पहल करनी चाहिए। साथ ही दिल्ली सहित देश के हर राज्य में फास्ट ट्रैक कोर्ट जल्द खोले जाने चाहिए । बग्गा ने कहा कि दुष्कर्म, हत्या, तेजाब फेंकने जैसे मामलों में नाबालिगों के साथ कोई नरमी नहीं बरतनी चाहिए तथा नाबालिग अपराधियों की नई आयु सीमा का निर्धारण हो। बाबू सिंह ने बताया कि पुलिस व आरएमएल अस्पताल से डॉक्टर उन्हें लेने आए थे लेकिन उन्होंने मना कर दिया, और वह तब तक यहां रहेंगे, जब तक सरकार उन्हें कोई जवाब नहीं देती। डॉक्टरों के अनुसार उनकी रक्तचाप काफी कम हो गई है, और कमजोरी भी है।
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